नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
मी लार्ड, यहाँ महिलाओं को न्याय नहीं न्याय का स्वांग मिलता है
बेंगलुरू: धिक्कार है! लड़कियों की संख्या से आपत्ति है!!(लड़कियों के लिए हाई कट ऑफ़ मामला)
किन्नर से अपने बेटे का विवाह कराने वाली एक दिलेर माँ की कहानी, उसी की जुबानी
शक्ति स्वरूपा नहीं मानवी समझने की जरूरत
पिछले पांच सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े है: महाराष्ट्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष
प्यार के परदे में कैद आज़ादी
अफसोस कि औरतें उठ तो रही हैं पर मर्दवादी संस्थाएं उन्हे कुचल देना चाहती हैं
कन्हैया कुमार सेक्सिस्ट और जातिवादी हैं (!)
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है