गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
एको एको जिंदगी, खुल के जिवांगें
महाश्वेता देवी की जंग का फ़ैसला , 25 साल बाद
महाश्वेता देवी की जंग का फ़ैसला , 25 साल बाद बुधन सबर को इंसाफ, थाने में टॉर्चर कर मारने वाले पुलिस कर्मी को 8...
नदियों की उदासी का छन्द रचती कविताएँ
सिक्स पैक सीता
पारसनाथ! जहां मांस मदिरा खाने वाले कंधे तो मंज़ूर मगर कंधे पर रखा सिर’ नहीं
पारसनाथ का सम्मेद शिखर,बादशाह अकबर के फ़र्ज़ी फरमान से लेकर आदिवासियों की ज़मीन दबोचने तक की कहानी
सबकी जमीन बचाने की लड़ाई मैं जीती -अपनी लड़ाई हार गई…
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई