गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
दिशोम गुरु को नेमरा में यूं मिली अंतिम विदाई! नेमरा से लौटकर
वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र कश्यप की पुस्तक आंचलिक पत्रकारिता की दुनिया लोकार्पित
‘फेंकने दो उन्हें गोबर’: फुले दम्पति की संघर्ष गाथा
अलविदा “रोज दीदी” (डॉ. रोज केरकेट्टा )
अतिपिछड़ों के नेतृत्व में हो सामाजिक न्याय
क्षमा करें अंकिता, यह भारत है,आम महिलाओं की जिंदगी मायने नहीं रखती!
वर्तमान के दो अंतहीन युद्ध
नोबेल पुरस्कार विजेता हन कांग: कठिन जीवन से साहित्यिक सफलता तक का सफर
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई