गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
धरती ( भूदेवी ) जहाँ होती हैं रजस्वला !
जेंडर और जाति के कुंडलों को तोडता लेखन और सत्ता की कुर्सी
कैफी आज़मी इप्टा सांस्कृतिक केंद्र ,पटना का उदघाटन किया शबाना आज़मी ने
जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि
सच्चे अर्थों मे जनकवि थे नामदेव ढसाल
इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए
कार्बाइड का कलंक : औरतों की आपबीतियां
कार्बाइड का कलंक
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई