गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
दिल्ली के कार्यक्रम से भी लेखकों ने किया किनारा: दैनिक जागरण का व्यापक विरोध
दैनिक जागरण द्वारा आयोजित ‘बिहार संवादी ‘ का साहित्यकार करेंगे बहिष्कार (!)
सम्मान से नवाजे गए जमीन से जुड़े लेखक
कल्पना पटोवारी द्वारा गाया गया और नवल कुमार द्वारा लिखित गीत कॉमनवेल्थ गेम्स में गूंजेगा
अभी तो बहुत कुछ शेष था ! (रजनी तिलक का असमय जाना)
बीजेपी, आरएसएस में भगदड़, उबरने के लिए वे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करेंगे: अरुंधती रॉय
असमा जहाँगीर, तुम्हे सलाम !
शोधार्थियों ने मनाई सावित्रीबाई फुले जयंती
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई