गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
अनुप्रिया पटेल के साथ ईव टीजिंग: क्या ‘मर्दों’ पर ओहदे का फर्क भी नहीं पड़ता!
रमणिका फाउण्डेशन का मासिक रचना मंच: हीरालाल राजस्थानी, अनिल गंगल और रानी कुमारी का रचना-पाठ
मेरे साथ यौन हिंसा के अपराधी: वे मामा थे, वे चाचा थे, एक संघी एक वामपंथी
डा. अम्बेडकर के पोते को नक्सली बताने और प्रधानमंत्री की जान को खतरा बताने वाले पत्रों पर उठ रहे सवाल
घृणित विचारों और कृत्यों वाले पत्रकार की आत्मप्रशस्ति है यह, आत्मभंजन नहीं मिस्टर जोशी
दलितों आंदोलनों को माओवादी बताने का पैटर्न पुराना है: सिविल सोशायटी में आक्रोश
भीमा कोरेगाँव को अलग रंग देने की कोशिश: प्रोफेसर शोमा सेन, वकील गडलिंग, सहित 5 गिरफ्तार
जब पक्ष-विपक्ष के लोगों ने महिला विधायक पर की द्विअर्थी टिप्पणियाँ ( बिहार विधानसभा में अश्लील टिप्पणियों का वह माजरा)
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई