गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
संविधान के हक में नफ़रत के खिलाफ औरतें
चार अप्रैल को बदलाव का आगाज करती महिलायें होंगी सड़क पर
चुनाव आयोग को महिला संगठनों का पत्र: समुचित राजनीतिक प्रतिनिधत्व के लिए हस्तक्षेप की मांग
प्रवासी मृत देहों के सम्मान के लिए लड़ने वाली फिल्म आर्टिस्ट चुनाव मैदान में
जाने क्या कुछ है महिलाओं के लिए कांग्रेस के पिटारे में: कांग्रेस का घोषणापत्र
मेरी माँ मेरा आदर्श..!
पटना में याद की गयीं रमणिका गुप्ता
कन्हैया कुमार सेक्सिस्ट और जातिवादी हैं (!)
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई