आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
पढ़ी-लिखी चुड़ैल: ‘स्त्री’!
स्वराजशाला: राजनीति की रंगशाला
‘डेंजर चमार’ की गायिका गिन्नी माही का प्रतिरोधी स्वर : हमारी जान इतनी सस्ती क्यों है, गाँव से बाहर हमारी बस्ती क्यों है...
‘आज के दौर में तटस्थता असांस्कृतिक और अभारतीय हैः अशोक वाजपेयी’
समाज का नजरिया बदलने वाली फोटोग्राफर संगीता महाजन
पारदर्शी अधोवस्त्र में कास्टिंग का आमंत्रण: मर्दवादी कुंठा या स्त्री सेक्सुअलिटी का प्रतीक?
थियेटर ऑफ रेलेवेंस – स्वराजशाला
जातिरूढ़ सास ‘अनारो’ की भूमिका में मैं अपनी सास को कॉपी कर रही हूँ
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर