पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
औरत , विज्ञापन और बाजार
अपने ही पराभव का जश्न मनाती है स्त्रियाँ ! ( दुर्गा पूजा का पुनर्पाठ )
त्योहारों के बहुजन सन्दर्भ
रक्तरंजित कहानी महिला प्रतिनिधित्व की
बहन के नाम राजनीतिक पत्र
प्यार पर न चढाओ हैवानियत की चादर
भिखारी की विरासत की गायिका
‘‘अनाघ्रातम पुष्पम, असूर्यंपश्या से रमणेषु रम्भा तक’’
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब