पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
मासिक धर्म : आखिर चुप्पी कब तक ?
महात्मा फुले का क्रांतिकारी स्त्रीवाद
राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला
चाइल्ड केयर लीव बनाम मातृत्व की ठेकेदारी पर ठप्पा
पहले बाबरी , फिर दादरी , फिर हिन्दुत्व के नाम पर बहादुरी
लोकआस्था और श्रमण परम्परा की अदम्य जिजीविषा का आख्यान
पोवाडा : वीर रस की मराठी कविता ( दलित परंपरा )
पितृसत्ता पुरुषों का अमानवीयकरण करती है : कमला भसीन
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब