पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
कठमुल्लों को चेतावनी संघियों को इशारा : हाथ तोड़कर अल्लाह के भरोसे छोड़ देंगी महिलाएं, यदि उनपर हाथ उठाया तो !
अकथनीय का कथन – एक औरत की नोटबुक
हवा सी बेचैन युवतियां ‘दलित स्त्रीवाद की कविताएं’
व्यस्तताओं और विवशताओं के बीच से गुजर कर ही राह जीवन की ओर मुड़ती है
एक स्त्री रचनाकार की यात्रा
शराबबंदी , महिला मतदाता और नीतीश कुमार
देह का स्त्रीवादी पाठ और मित्रो मरजानी
नील नीले रंग के
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब