स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
खुफिया अभियानों की गुमनाम साथी : घरेलू दायरे से क्रांतिकारी अभियान तक
अनिता भारती की किताब को ‘ सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान, 2016’ की घोषणा
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
एक ‘अच्छी औरत’, स्मृति ईरानी के पक्ष में ( खुला ख़त , सेवा में जिनसे संबंधित हो)
होली का स्त्रीवादी पाठ
नंदलाला के लिए होली और गोपियों के लिए गाली : होली के बहाने स्त्रियों की यौनिकता पर प्रहार
मैं हिजड़ा… मैं लक्ष्मी
वीरांगना होलिका मूल निवासी थी , क्यों मनायें हम उनकी ह्त्या का जश्न
‘गूज बम्प्स’