आस्था का सम्मान
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’
स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
शूद्रा: एक समाज शास्त्रीय अध्ययन (धर्मशास्त्रीय दृष्टिकोण से)
स्त्री सिर्फ देह नहीं
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन:अंतिम क़िस्त
बहन भी तो मेट्रो ले रही होगी इस वक्त
गरीबी जिसके लिए बाधा नहीं : किरण ठाकरे
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन
दलित महिला कारोबारी का संघर्ष
यौन संबंध को प्यार का रूप देना जरूरी
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार