पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
विमर्श की ज़रुरत कहाँ
है मुझको जमशेद तेरे जाम से भी काम…..!!
शास्त्रीय सुरों की मल्लिका जिन्हें जनता ने ‘गानसरस्वती ‘ नाम दिया
स्त्री-पुरुष अलग-अलग प्रांत नहीं
‘अनारकली आॅफ आरा’ : आंसुओं से उपजी आग और भरोसे की उम्मीद
सॉफ्ट पोर्न नहीं: ये मध्यवर्गीय स्त्री की कामनाओं के नोट्स हैं
समकालीन कहानी: भाषिक अस्मिता और भूमंडलीकरण की चुनौतियाँ (संदर्भः उदय प्रकाश की कहानी मैंगोसिल)
रंडी, या रंडी से कम और हाँ, बीबी से भी बलात्कार हक़ नहीं
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब