पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
चलो नागपुर! मनुवाद और हिन्दुत्व के खिलाफ महिलाओं का संर्धषषील कदम
यौन सम्बन्ध को प्यार का रूप देना जरुरी
भारतेंदु की स्त्री चेतना का स्वरूप, सन्दर्भ: ‘बालाबोधिनी’ पत्रिका
बहुजन आंदोलन की समर्पित शख्सियत: मनीषा बांगर
हम तुम्हारा बलात्कार कर देंगे: भारत माता की जय!
ब्राह्मणवाद,पितृसत्ता और पुनरुत्थानवाद की चुनौतियों से निपटने की जरूरत
शूद्रा: एक समाज शास्त्रीय अध्ययन (धर्मशास्त्रीय दृष्टिकोण से)
स्त्री सिर्फ देह नहीं
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब