नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
हम चार दशक पीछे चले गए हैं :
स्त्री विमर्श की पठनीय किताबें
जीना जिन्दगी को आत्मकथा के नजरिये से -अंतिम किश्त
‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’
स्त्री-विरोधी लेखन दलित लेखन नहीं हो सकता
यौनिकता की विश्वसनीय दृश्यता: भाग 3
मंडल और महिला आरक्षण
बदलाव की बयार : जद्दोजहद अभी बाकी है
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम