पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
ऑर्गेज़्मिक पैरिटी की चैरिटी बनाम ‘योनि उद्धारक’ बाजार
बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री : मेरी रॉय, जिसने सम्पत्ति में समान उत्तराधिकार की लड़ाई लड़ी
एक पत्र जो उसने आत्महत्या का निर्णय टालने के पूर्व लिखा था
उस संस्थान में ब्राह्मणों की अहमियत थी
‘लिखो इसलिए’ व श्रीदेवी की अन्य कविताएं
हां उनकी नजर में जाति-घृणा थी, वे मेरे दोस्त थे, सहेलियां थीं
बिहार की सावित्रीबाई फुले कुन्ती देवी की कहानी
सांस्थानिक हत्या की सनातन परम्परा: शंबूक से लेकर डा.पायल तक
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब