दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
सलाखें भीतर और बाहर
स्त्री आत्मकथा : आत्माभिव्यक्ति और मुक्ति प्रश्न
दिल्ली में नाइजीरियन यौन- दासियाँ
एक साक्षात्कार लंबाणी जनजाति की स्त्रियों से
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : आख़िरी किस्त
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : चौथी क़िस्त
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : तीसरी किस्त
पश्चिम उत्तर प्रदेश : स्त्री की नियति
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना