नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘मर्द’ तैयार करती सोच की पहली सीख : उलटबांसियां: उलटी दुनिया की पाठशाला (1998)
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कम से कम एक दरवाज़ा
मलाला की कहानी बी बी सी के जुबानी
एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह -चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : अंतिम क़िस्त
स्त्री-शक्ति की भूमिका से उठते कई सवाल
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह-चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : पहली क़िस्त
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम