ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
अक्का महादेवी के काव्य में आध्यात्मिक अनुभव और स्त्री-अस्मिता के वैकल्पिक प्रतिमान – मेधा
कबीर और कनकदास के काव्य में भक्ति और सामाजिक प्रतिरोध – मेधा
सत्ता में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति: सामर्थ्य, सीमाएँ एवं संभावनाएँ
हिंदू कोड बिल और डॉ. अंबेडकर
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ उपन्यास में प्रकृति चित्रण
स्त्री की यौन मुक्ति की लड़ाई, जो प्रो. कर्वे और डा. अम्बेडकर हार गये थे
क्रूर और हिंसक यथार्थ में प्रेम और करुणा को बचाये रखने की कोशिश है समकालीन स्त्री- कविता
भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक