लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
राजेन्द्र सजल: एक कहानी सजग कहानीकार
रघुवीर सहाय की कविताओं में अभिव्यंजित कथा संसार
आचार्य श्रीराम शर्मा और स्त्री शिक्षा
वैवाहिक बलात्कार और हिंसा: एक अध्ययन
सत्ता में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति: सामर्थ्य, सीमाएँ एवं संभावनाएँ
हिंदू कोड बिल और डॉ. अंबेडकर
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ उपन्यास में प्रकृति चित्रण
स्त्री की यौन मुक्ति की लड़ाई, जो प्रो. कर्वे और डा. अम्बेडकर हार गये थे
सूखा नशा