ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और स्त्री की आजादी विशेष संदर्भ-मैत्रेयी की कहानी “पगला गयी है भागवती”
आधी आबादी का डर
बिहार और जातिवाद का इतिहास ‘दिनकर’ की कलम से:
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
हिन्दी साहित्य में अस्मितामूलक विमर्श विशेष संदर्भःस्त्री अस्मिता
देश के मर्दों एक होओ
जाति पर डाका : हिंदी साहित्य में जातिविमर्श
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक