लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और स्त्री की आजादी विशेष संदर्भ-मैत्रेयी की कहानी “पगला गयी है भागवती”
आधी आबादी का डर
बिहार और जातिवाद का इतिहास ‘दिनकर’ की कलम से:
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
हिन्दी साहित्य में अस्मितामूलक विमर्श विशेष संदर्भःस्त्री अस्मिता
देश के मर्दों एक होओ
जाति पर डाका : हिंदी साहित्य में जातिविमर्श
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
सूखा नशा