लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
स्मृति इरानी जी, हमारी दुर्गा आप ही हो !
कंडोम- राष्ट्रवाद, जे एन यू और गार्गी का मस्तक
स्त्री, आस्था और धर्म
सोनी सोरी पर हमला क्रूर दमन का प्रतीक
इस राष्ट्रवाद की भाषा में स्त्रियाँ ‘ रंडी’, ‘रखैल’ और बलात्कार से ठीक की जाने वाली बिगडैलें हैं
महावारी से क्यों होती है परेशानी
यह सफर आजादी का है
स्त्री और बौद्धिकता
सूखा नशा