आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा : पहली क़िस्त
मन्दिर प्रवेश के लिए यह कैसा संघर्ष ( !)
केरल हरियाणा नहीं है, एर्नाकुलम दिल्ली नहीं , और जिशा ……
अपनी -अपनी वेश्यायें : सन्दर्भ : जे एन यू सेक्स रैकेट
“पुलिस ने धोखे से बनाया वीडियो”
सी बी आई क्या न्याय दिलवा पायेगी डेल्टा को !
भारत माता जार-बेजार रो रही है
व्यावसायिक जोखिम का लैंगिक विमर्श
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर