लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
बलात्कार के विरोध में आवाज बनी बेला भाटिया को मिली घर छोड़ने की धमकी
मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
मैं भी हो सकती थी उस दिन यौन हमले की शिकार
यौन हमलावारों से सख्ती से निपटें पीड़िताएं, तभी रुकेंगी बैंगलोर जैसी घटनाएं
दलित स्त्रियों पर पुलिसिया बर्बरता का नाम है नीतीश सरकार
हिंसा में कोई मर्दानगी नहीं
फेसबुक की खिड़की से झांकती ललनायें/असूर्यमपश्यायें
महात्मा जोतीबा फुले का ब्राह्मणवाद से संघर्ष
सूखा नशा