आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
मैं भी हो सकती थी उस दिन यौन हमले की शिकार
यौन हमलावारों से सख्ती से निपटें पीड़िताएं, तभी रुकेंगी बैंगलोर जैसी घटनाएं
दलित स्त्रियों पर पुलिसिया बर्बरता का नाम है नीतीश सरकार
हिंसा में कोई मर्दानगी नहीं
फेसबुक की खिड़की से झांकती ललनायें/असूर्यमपश्यायें
महात्मा जोतीबा फुले का ब्राह्मणवाद से संघर्ष
तीन तलाक, समान नागरिक संहिता और मोदी सरकार: अंतिम किस्त
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर