दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
सी बी आई क्या न्याय दिलवा पायेगी डेल्टा को !
समानित हुई ‘ महिषासुर की बेटी’ ( राष्ट्रपति ने दिया ‘नारी शक्ति सम्मान’)
स्त्रीवादी आंबेडकर की खोज
अनिता भारती की किताब को ‘ सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान, 2016’ की घोषणा
होली का स्त्रीवादी पाठ
वीरांगना होलिका मूल निवासी थी , क्यों मनायें हम उनकी ह्त्या का जश्न
महावारी से क्यों होती है परेशानी
एक अंग्रेज़ी-भाषी बंगाली दलित महिला की कशमकश
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना