लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
पूनम शुक्ला की कवितायें
लल द्यद की काश्मीरी वाख कविता
पुष्पा गोस्वामी की कवितायें
उदय प्रकाश की कवितायें
स्त्री विमर्श की पठनीय किताबें
पवन करण की पांच कवितायें
जीना जिन्दगी को आत्मकथा के नजरिये से -अंतिम किश्त
जीना ज़िन्दग़ी को आत्मकथा के नज़रिये से – पहली किश्त
सूखा नशा