लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
आरती रानी प्रजापति और पूजा प्रजापति की कवितायेँ
राजेंद्र यादव के अंतर्विरोध , हंस और दलित स्त्री अस्मिता के सवाल
स्त्री आत्मकथा : आत्माभिव्यक्ति और मुक्ति प्रश्न
मनीषा जैन की कवितायें
गुलज़ार हुसैन की कवितायें
आज चुनाव है
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : आख़िरी किस्त
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : चौथी क़िस्त
सूखा नशा