लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
अंजना टंडन की कविताएँ
अनागत का भविष्य
मृत्युशैया पर एक स्त्री का बयान
अनुवाद
सुर बंजारन
इस्मत आपा को पढ़ते हुए
यक्ष-प्रश्न और अन्य कविताएँ
सूखा नशा