रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
परहिया समुदाय में महिलाओं की स्थिति
भारतीय स्त्रीवाद जाति,वर्ग,नस्ल,रंग और विषमलैंगिकता के साथ जुड़ा है
‘कुतों के रूपक’ में इंसानियत का प्रतिबिम्ब
आदिवासी महिला का भाजपा नेताओं के बयान पर आक्रोश!
राहुल गांधी की जाति, अनुराग ठाकुर का लंपट सवाल
उम्मीदों के आतिशदाने
महिलाओं और अन्य आदिवसियों पर मणिपुर में हिंसा के खिलाफ स्त्रीवादियों का प्रस्ताव
समान नागरिक संहिता (UCC) पर स्त्रीवादी संगठनों और व्यक्तियों के सुझाव
नाच एक संवेदनशील उपन्यास