रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम को मृत्युपर्यंत जेल की सजा
दैनिक जागरण और अन्य मीडिया के अपराधिक खबरों पर जम्मू पुलिस ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
बेटियों का नाम अनचाही, फालतू…. (बदलाव के दौर में रूढ़िवादी मानसिकता की शिकार होती बेटियाँ)!
कानून के दुरुपयोग का वर्चस्ववादी विमर्श
महिला पत्रकारों पर बढ़ रहे हमले, जेएनयू प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस की बदसुलूकी
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
स्मृति जी कंडोम के विज्ञापन वल्गर तो डीयो के संस्कारी कैसे?
सामूहिक चेतना का ही प्रतिबिम्ब है स्त्रीविरोध का अनफेयर गेम
नाच एक संवेदनशील उपन्यास