रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
आदिवासियों के मानवाधिकार की लड़ाकू पर रिपब्लिक टीवी का निशाना: यह सत्ता का चारण काल है
पत्थलगड़ी और कोचांग बलात्कार मामला: रांची से प्रकाशित अखबारों की विश्वसनीयता पर प्रश्न
बलात्कृत रंगकर्मियों को पुलिस ने कैद कर रखा है: फैक्ट फाइंडिंग टीम
पुलिस अधिकारों के लिए लड़ रही महिलायें: शासन के खिलाफ प्रशासन
नये पेशवाओ की नई थ्योरी ‘अर्बन माओइस्ट’
राजस्थान पत्रिका की पत्रकार ने की आत्महत्या लेकिन पत्रिका ने ही ओढ़ी चुप्पी
पानी लाने के लिए कई शादियाँ करते हैं मर्द: औरतों को पानी वाली सौतन मंजूर
महिला की मुहीम का असर: पासपोर्ट अधिकारी ‘मिश्रा’ का तबादला, अंतर्धार्मिक विवाह को आधार बना महिला का पासपोर्ट बनाने से किया था इनकार
नाच एक संवेदनशील उपन्यास