लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र कश्यप की पुस्तक आंचलिक पत्रकारिता की दुनिया लोकार्पित
‘फेंकने दो उन्हें गोबर’: फुले दम्पति की संघर्ष गाथा
अलविदा “रोज दीदी” (डॉ. रोज केरकेट्टा )
अतिपिछड़ों के नेतृत्व में हो सामाजिक न्याय
क्षमा करें अंकिता, यह भारत है,आम महिलाओं की जिंदगी मायने नहीं रखती!
वर्तमान के दो अंतहीन युद्ध
नोबेल पुरस्कार विजेता हन कांग: कठिन जीवन से साहित्यिक सफलता तक का सफर
दलित स्त्रीवादी इतिहास का उत्सव : पुणे की शैलजा पाइक अमेरिकी मैक आर्थर की ‘जीनियस’ बनीं
सूखा नशा