लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम को मृत्युपर्यंत जेल की सजा
राष्ट्रपति के कार्यक्षेत्र में मोदी-सरकार का हस्तक्षेप, बिना सहमति के जारी किया अध्यादेश
सांप्रदायिक, जातिवादी, भाषा-वर्चस्ववादी ‘बिहार संवादी’ (दैनिक जागरण का आयोजन) छोड़ गया कई सवाल
आदिवासी युवती की हत्या को आत्महत्या करार देने की पुलिसिया साजिश (सामूहिक बलात्कार की भी आशंका)
“ये निंदा प्रस्ताव नहीं है”
दैनिक जागरण और अन्य मीडिया के अपराधिक खबरों पर जम्मू पुलिस ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
दिल्ली के कार्यक्रम से भी लेखकों ने किया किनारा: दैनिक जागरण का व्यापक विरोध
आलोक धन्वा, ध्रुव गुप्त, निवेदिता समेत अधिकांश साहित्यकारों ने किया ‘बिहार संवादी’ (दैनिक जागरण द्वारा आयोजित) का बहिष्कार
सूखा नशा