लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
कथित उदार नजरिया भी ब्राह्मणवादी नजरिया है
सांप्रदायिक, जातिवादी, भाषा-वर्चस्ववादी ‘बिहार संवादी’ (दैनिक जागरण का आयोजन) छोड़ गया कई सवाल
छत्तीसगढ़ में दुर्गापूजा आयोजन समिति के खिलाफ केस दर्ज:आदिवासियों की धार्मिक भावना भड़काने का आरोप
‘मैं हिन्दू क्यों नहीं’ के लेखक पर हमला, ‘दुर्गा’ के कथित अपमान के आरोप में दिल्ली विवि का शिक्षक प्रताड़ित
मिथक और स्त्री आंदोलन का अगला चरण
नरसंहारों का स्त्रीपक्ष
वहशी राष्ट्रवाद: अपने ही नागरिकों के खिलाफ जंग
देवयानी
सूखा नशा