ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
पटना में याद की गयीं रमणिका गुप्ता
समकालीन महिला लेखन को संबोधित संगोष्ठी
न मार्क्सवाद, न अंबेडकरवाद, न स्त्रीवाद , बस एक्सपोजर चाहिए और मंच
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
सो गया साज़ पे सर रख के सहर के पहले: संगीत में एक पुरोधा का अवसान
नफरत के खिलाफ “अमन की बातें”: महिलाओं की यात्रा का आज दिल्ली में समापन
मेरा एक सपना है ! (मार्टिन लूथर किंग का उद्बोधन,1963)
डॉक्टर मनीषा बांगर ‘वायस ऑफ पीपल’ सम्मान से हुईं सम्मानित !
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक