फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
पटना में याद की गयीं रमणिका गुप्ता
समकालीन महिला लेखन को संबोधित संगोष्ठी
न मार्क्सवाद, न अंबेडकरवाद, न स्त्रीवाद , बस एक्सपोजर चाहिए और मंच
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
सो गया साज़ पे सर रख के सहर के पहले: संगीत में एक पुरोधा का अवसान
नफरत के खिलाफ “अमन की बातें”: महिलाओं की यात्रा का आज दिल्ली में समापन
मेरा एक सपना है ! (मार्टिन लूथर किंग का उद्बोधन,1963)
डॉक्टर मनीषा बांगर ‘वायस ऑफ पीपल’ सम्मान से हुईं सम्मानित !
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन