लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
धरती ( भूदेवी ) जहाँ होती हैं रजस्वला !
इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए
भाजपा सरकार से अपील : फॉरवर्ड प्रेस पर पुलिस कार्यवाई और उसके संपादकों के खिलाफ एफ आई आर की निंदा और अपील
विमर्श नहीं, विचारधारा : अस्मितावाद की जगह आंबेडकर-चिंतन
थेरीगाथा , बौद्ध धर्म और स्त्रियाँ
सूखा नशा