फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
जनसंस्कृति मंच की अपील : लेखक करें साहित्य अकादमी के कार्यक्रमों का बहिष्कार
नई धारा राइटर्स रेज़िडेंसी प्रकरण—नागरिक समिति की रिपोर्ट, साहित्यिक जगत की जवाबदेही पर उठे सवाल
समाज में 15 प्रतिशत लोग ही सभी क्षेत्रों में अपना एकाधिकार जमाये हुए हैं: जीतनराम मांझी
हां मुझे फर्क पड़ता है…
एको एको जिंदगी, खुल के जिवांगें
लेखक संगठन (प्रलेस) ने स्त्री अस्मिता पर मर्द दरोगा को दी तरजीह
ये भागी हुई लड़कियाॅं ..!
बोल्गा से गंगा, तुम्हारी क्षय हो के रचयिता ने दी समाज को नई उर्जा: प्रेम कुमार मणि
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन