ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा : तीसरी किस्त
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा : दूसरी किस्त
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा : पहली क़िस्त
‘‘….एण्ड सन्स’’ का कपटतंत्र और एक चिरविस्थापित: वैश्वीकृत भारत में स्त्री के सम्पदा अधिकार ( दूसरी क़िस्त)
33 प्रतिशत आरक्षण की राजनीति
12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )
महिला आरक्षण : मार्ग और मुश्किलें
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक