लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
आलोक आज़ाद की ‘ईश्वर के बच्चे’ और अन्य कविताएं
गुंजन उपाध्याय पाठक की पाँच कविताएँ
सुनीता अबाबील की कविताएं
कंचन कुमारी की कविताएं
हां मुझे फर्क पड़ता है…
नदियों की उदासी का छन्द रचती कविताएँ
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
सूखा नशा