नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
लिपस्टिक अंडर माय बुर्का : क़त्ल किए गए सपनों का एक झरोखा
पांच रूपये और पांच मिनट का क्रूर फेयर और लवली व्यापार
सामंती हवेलियों में दफ्न होती स्त्री
मोदी, केजरी को महिला कलाकार की ललकार: जान देंगे लेकिन जगह नहीं छोड़ेंगे !
युवाओं के गायक संभाजी समाज बदलने के गीत गाते हैं
अस्तित्व के प्रश्न खड़े करती दलित स्त्री पात्र
सांस्कृतिक राष्ट्रवादियों को बेचैन करने वाले नाटकों का पाठ आयोजित
स्त्री कामुकता का उत्सव मानती फ़िल्म ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम