गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
उस पेड़ पर दर्जनो सैनिटरी पैड लटके होते थे
दिलचस्प रही माहवारी के सम्बन्ध में मेरी पहली जानकारी
गर्भवती महिलायें कर सकती हैं मांसाहार और सेक्स: विशेषज्ञों की राय
सेलेब्रटिंग कैंसर
पितृसत्ता से आगे जहाँ और भी है
महावारी से क्यों होती है परेशानी
मासिक धर्म : आखिर चुप्पी कब तक ?
मातृ-मृत्यु का नियंत्रण महिला -स्वास्थ्य का जरूरी पहलू : चार्म
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई