गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
मातृवंशात्मक समाज में स्त्री
रंगभेदी और स्त्री-विरोधी सोच
दुनिया के मजदूर-मजदूरनें एक हों…
स्त्री मुक्ति की नेत्री सावित्रीबाई फुले
सावित्रीबाई फुले-स्त्री संघर्षो की मिसाल
पढ़ी -लिखी उम्मीदवार के लिए अजीबोगरीब शादियां
जेंडर और पितृसत्ता पर क्रांतिकारी आंदोलन के नजरिए की एक आलोचना
बच्चों को रोटी, कपड़ा, दवा और पढाई नहीं दे पाने वाला समाज सिर्फ सजा देने के लिए उतावला है
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय