आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
जी , ये महिला किसान हैं , हल और ट्रैक्टर चलाती हैं .
एक सांस्कृतिक आंदोलन के चार साल
जुंको फुरुता: जिसे याद रखना ही होगा
स्त्रियों की वास्तविक मुक्ति
मगध में छठ : स्त्रीवादी पाठ
मासिक धर्म : आखिर चुप्पी कब तक ?
महात्मा फुले का क्रांतिकारी स्त्रीवाद
राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर