आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
यहाँ सेक्स बिकता है, सेक्स क़त्ल करता है: बदनाम नहीं, ये मर्दों की गलियाँ हैं
‘राष्ट्रहित और आरक्षण’
लोहिया का स्त्री विमर्श
डा. भीमराव आंबेडकर के स्त्रीवादी सरोकारों की ओर: पहली क़िस्त
देश के मर्दों एक होओ
शिनाख्त के दायरे
जाति पर डाका : हिंदी साहित्य में जातिविमर्श
दीपा कर्माकर से पीवी सिंधु तक: विपरीत परिस्थितियों में खेल और जीत रही हैं लडकियां
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर