आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
तनाव-क्षेत्र में महिलाओं को नज़रअंदाज करने से समाज का नुकसान
भारतीय पुलिस-तंत्र में महिलाओं की स्थिति: ‘गुनाह-बेगुनाह’ उपन्यास के विशेष सन्दर्भ में- केएम प्रतिभा
महिलाओं और अन्य आदिवसियों पर मणिपुर में हिंसा के खिलाफ स्त्रीवादियों का प्रस्ताव
मदर इंडिया: एक संघर्षरत भारतीय स्त्री की अमर कथा
मणिपुर में बलात्कार एक सुनियोजित नरसंहार का हिस्सा है।
परिवारो में असमानता
पेड पीरियड लीव के लिए अभियान गीत हुआ रिलीज
टूट रही हैं वर्जनाएं: अनेक रिश्तों में होना आखिरी टैबू
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर