गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
समकालीन कहानी: भाषिक अस्मिता और भूमंडलीकरण की चुनौतियाँ (संदर्भः उदय प्रकाश की कहानी मैंगोसिल)
रंडी, या रंडी से कम और हाँ, बीबी से भी बलात्कार हक़ नहीं
क्या इसे ही जंगलराज कहते है योगी जी
राष्ट्रपति, क्या कुलपति के खिलाफ कार्रवाई करने वाले हैं!
यहाँ झील और ज्यादा गहरी और शांत हो गयी
अनचाही बेटियाँ
सतपुड़ा की वादियों में सक्रिय आदिवासियों की ताई: प्रतिभाताई शिंदे
शंखमुखी शिखरों का कवि : लीलाधर जगूड़ी
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय