आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन
दलित महिला कारोबारी का संघर्ष
यौन संबंध को प्यार का रूप देना जरूरी
बिना इजाज़त अन्दर आना मना है
उन्नीसवें भारत रंग महोत्सव में स्त्रियों की भागीदारी
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
नागार्जुन के उपन्यासों में स्त्री
हिंदी साहित्य में आदिवासी स्त्री का सवाल
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर