आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
जीएसटी इम्पैक्ट: क्या महिलायें भेजेंगी वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को सैनिटरी पैड (!)
दिलचस्प रही माहवारी के सम्बन्ध में मेरी पहली जानकारी
उन दिनों मम्मी की जगह बुआ या चाची खाना देती थी
जब मैंने स्त्रियों की माहवारी को पहली बार जाना
जेल में बंद छात्रा का पत्र : “हम भगत सिंह के वारिस हैं जो जेल ही नहीं फांसी से भी नहीं डरते”
मुबारक हो बिहारवासियों, मर गयी चंचल पासवान
मीरा को ब्राह्मण सिद्ध करने वालों के पुरखों ने कबीर को भी बनाया था ब्राह्मण
राष्ट्रवाद का सीमांतः हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन में सहजोबाई और भक्तिकाल
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर