गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
दलित स्त्री-लेखन का पहला दस्तावेज: मांग महारों का दुःख (1855)
प्रिया वरियर तुमने ऐसा क्या किया कि मशहूर हो गई!
आप योनि को किस निगाह से देखते हैं, यह सवाल मेरे लिए बेमानी है…
फिल्म तो हिट होती रहेंगी, माहवारी स्वच्छता को हिट करें
असमा जहाँगीर, तुम्हे सलाम !
सजर्नर ट्रुथ : क्या पश्चिम की इस सावित्रीबाई को आप जानते हैं?
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलायें और गांधीजी की भूमिका पर सवाल
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय